सोमवार, 24 मार्च 2008

मध्यप्रदेश में वन रोपण की तीन नवीन योजनाओं के बेहतर परिणाम मिले

मध्यप्रदेश में वन रोपण की तीन नवीन योजनाओं के बेहतर परिणाम मिले
अगले वित्तीय वर्ष के लिये निर्धारित लक्ष्य में बढ़ोत्तरी
24 मार्च 08/मध्यप्रदेश में वन रोपण की तीन नवीन योजनाएं गत वर्ष से शुरू की गई हैं। वन रोपण की प्रारंभ की गई योजनाओं में ऊर्जा वन की स्थापना, चारागाह विकास तथा विद्या वन योजना है। इन योजनाओं के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। अगले वित्तीय वर्ष में इन योजनाओं के विकास के लिये निर्धारित लक्ष्य में बढ़ोत्तरी की गई है।
• ऊर्जा वन स्थापना की योजना से अगले वित्तीय वर्ष में दो हजार गाँवों में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पौधा रोपण होगा
• चारागाह विकास योजना से करीब दो हजार ग्रामों में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होगा चारागाह विकास
• विद्या वन योजना के तहत आने वाले वित्तीय वर्ष में दो हजार 400 स्कूलों में लगभग ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
जलाऊ लकड़ी की मांग एवं प्राकृतिक वन क्षेत्रों में इसी उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। मांग एवं आपूर्ति के बड़े अंतर के दृष्टिगत ऊर्जा वन स्थापना की एक अभिनव योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत वन क्षेत्रों से लगे गाँवों के पास उपलब्ध भूमि पर सुबबुल, बबूल, प्रोसोपिस, जुलीफलोरा जैसी तेजी से बढ़ने वाली तथा जलाऊ उत्पादक प्रजातियों का रोपण किया जा रहा है। योजना के प्रथम वर्ष में एक हजार 212 ग्रामों में 23 हजार 576 हेक्टेयर क्षेत्र में ऊर्जा वन की स्थापना का कार्य किया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में दो हजार गाँवों में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पौधा रोपण का कार्य किया जायेगा। इससे न केवल ग्रामीणों को जलाऊ लकड़ी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि इससे वनों पर पड़ने वाले जैविक दबाव में भी उल्लेखनीय कमी आयेगी।
चारे की बढ़ती समस्या के समाधान के लिये चारागाह विकास की नई योजना प्रारंभ की गई है। मवेशियों की बढ़ती संख्या के कारण वनों पर निरंतर दबाव बढ़ता ही जा रहा है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए वनों के समीपवर्ती गाँवों के पास उपलब्ध भूमि पर चारागाह विकास की योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत पशु चारा की दृष्टि से उपयोगी प्रजातियों के बीजों की बोवाई की जाती है। अब तक 577 ग्रामों में 13 हजार 943 हेक्टेयर क्षेत्र में चारागाह विकास का कार्य किया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में दो हजार गाँवों में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चारागाह विकास करने की योजना का लक्ष्य रखा गया है।
इसी प्रकार विद्यार्थियों में वृक्षों के प्रति लगाव एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से विद्या वन योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत शिक्षण संस्थाओं के परिसरों में विद्यार्थियों की सहभागिता से फलदार, छायादार एवं शोभादार प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है। विद्या वन योजना के तहत 690 शिक्षण संस्थाओं में 97 हजार पौधों का रोपण किया गया है। आने वाले वित्तीय वर्ष में दो हजार 400 स्कूलों में करीब ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।

जड़ी-बूटी पार्क विकसित करेगा सेडमैप

जड़ी-बूटी पार्क विकसित करेगा सेडमैप
24 मार्च 08/उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश (सैडमैप) अब जड़ी-बूटी पार्क भी विकसित करेगा। यह पार्क औषधीय और सुगंधीय पौधों की खेती और स्वरोजगार में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आदर्श पार्क होगा। इस सम्बन्ध में महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज सीहोर और सेडमैप में एक अनुबंध किया गया है।
औषधीय और सुगंधीय पौधों की खेती, प्रशिक्षण और प्रकाशन में अग्रणी सेडमैप द्वारा राजधानी के समीप स्थित सीहोर में अत्याधुनिक तकनीक का डिमॉन्स्ट्रेशन पार्क विकसित किया जाएगा। आधा एकड़ के पार्क में ग्रीन हाउस और ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक सुविधा उपलब्ध रहेगी, इसमें नाडेप और वर्मीकम्पोस्ट खाद का उपयोग किया जाएगा। यानी पार्क को जैविक पध्दति से तैयार किया जाएगा। इस सम्बन्ध में महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गए।
जड़ी-बूटी पार्क में दवाईयों के निर्माण, घरेलू चिकित्सा पध्दति और सौंदर्य प्रसाधनों में उपयोगी समस्त पौधे लगाये जाएंगे जिसमें मेंथा, लेमनग्रास, जावा, सिट्रोनेला, पामारोजा, सफेद मूसली, केवाच, अश्वगंधा, सर्पगंधा, मुश्कदाना, बच, पपाया, कालमेघ, सिन्दूरी, चंद्रशूर हर्रा, बहेड़ा आंवला, गुग्गल, सतावर, कलिहारी, लहसुन, हल्दी, अदरक और बायबिडंग के पौधे प्रमुख रूप से उगाए जाएंगे। इस पार्क के बन जाने से किसान, युवा बेरोजगार और आमजनता जड़ी-बूटियों के संग्रहण और प्रसंस्करण की प्रक्रिया स्वयं देख-समझ सकेंगे।
जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में स्वरोजगार अपनाने वाले स्वयं सहायता समूह, महिलाओं, शोधार्थियों और छोटे किसानों के लिए भी यह पार्क उपयोगी साबित होगा।

प्रदेश में विशेष राजस्व अभियान का पांचवा चरण 25 मार्च से 25 जून तक संचालित होगा

प्रदेश में विशेष राजस्व अभियान का पांचवा चरण 25 मार्च से 25 जून तक संचालित होगा
प्रदेशव्यापी ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण होगा, ग्रामीणों को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास अधिकार पुस्तिका और किसानों को एकीकृत भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका उपलब्ध करायी जायेगी
24 मार्च 08/राज्य शासन ने 25 मार्च से प्रदेश में विशेष राजस्व अभियान संचालित करने का निर्णय लिया है। राजस्व विभाग के अंतर्गत योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिये इस प्रदेशव्यापी अभियान का पांचवा चरण 25 जून तक चलेगा। इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण एवं ग्रामीणों को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास अधिकार पुस्तिका प्रदान की जायेगी। इसके अतिरिक्त किसानों को एकीकृत भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका भी वितरित की जायेगी।
प्रदेश में राजस्व संबंधी मामलों को त्वरित गति से निपटाने और राजस्व वसूली को बढ़ाने के लिये विशेष राजस्व अभियान के अब तक चार चरण संचालित किये गये हैं। राजस्व विभाग के मूलभूत कार्यों को क्रियान्वित करने के लिये चलाये गये प्रदेशव्यापी इस अभियान का पहला चरण 15 मार्च से 30 जून 2006 तक, दूसरा चरण 15 दिसम्बर 2006 से 28 फरवरी 2007 तक, तीसरा चरण 25 अप्रैल 2007 से 15 जून 2007 तक और चौथा चरण एक अक्टूबर से 31 दिसम्बर 2007 तक संचालित किया गया था। अब इस अभियान का पांचवा चरण 25 मार्च से 25 जून, 2008 तक चलेगा।
इस अभियान के अंतर्गत स्थायी सीमा चिन्हों का सत्यापन, मरम्मत योग्य एवं गुमशुदा सीमा चिन्हों का पुर्नस्थापन तथा भू-अभिलेख में इनकी प्रविष्टि करना, सीमांकन प्रकरणों का सिटीजन चार्टर में दी गई समयावधि के अनुसार निराकरण कराया जाना, खसरे के साथ-साथ नक्शों का अद्यतनीकरण कार्य, खसरा एवं बी-1 का मिलान कर सूची तैयार करना तथा उसका मिलान करना, खसरा, नक्शा एवं बी-1 की प्रतियां प्रदान करना, नक्शा नवीनीकरण तथा नक्शाविहीन ग्रामों के नक्शे तैयार कराना, शासकीय एवं निस्तार हेतु सुरक्षित भूमियों से अतिक्रमण हटाने तथा ग्रामीणों के निस्तार हेतु भूमि सुरक्षित रखने की कार्यवाही, नामांतरण एवं बंटवारा और भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिकाएं वितरित करने जैसे राजस्व संबंधी कार्य संपादित किये जायेंगे। राज्य शासन द्वारा सभी जिला कलेक्टर और संभागायुक्तों को इस अभियान के तहत उक्त बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।
ग्रामीणों और किसानों की भूमि से संबंधित मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिये विगत चार वर्षों में संचालित किये गये विशेष राजस्व अभियान के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई है। यही कारण है कि इस अभियान के सभी चार चरणों में राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की जा सकी है। पहले राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे के लिये ग्रामीणजनों को तहसील कार्यालय जाना होता था। अब इस अभियान के तहत तहसील कार्यालय ही गांवों में पहुँचकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर उन्हें राहत प्रदान करते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं और भू-अभिलेखों के बड़े पैमाने पर त्वरित निराकरण होने से यह अभियान अत्यन्त लाभकारी सिध्द हुआ है। प्रदेश में इस अभियान के बेहतर परिणामों को देखते हुए अब इसका पांचवा चरण संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास अधिकार पुस्तिका का वितरण और ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण
राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के भूमि और भवन के धारकों को आवास अधिकार पुस्तिका प्रदान की जायेगी। इस आवास अधिकार पुस्तिका में भूमि अथवा भवन के स्वामी द्वारा धारित भूमि अथवा भवन का क्षेत्रफल, चतुर्सीमा, ग्राम, गली, मोहल्ला, मजरा-टोला आदि सहित अन्य प्रासंगिक विवरण दर्ज होगा।
ाध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के ग्रामीण अंचलों में रहने वालों को उनकी जमीन का मालिकाना हक देने की महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। इस निर्णय के जरिए गांवों में रहने वाले किसानों, मजदूरों और अन्य लोगों को उनकी भूमि और भवन का मालिकाना हक मिलेगा जिससे वह अब तक वंचित थे। इसका लाभ यह होगा कि ग्रामीण अपनी भूमि और भवन पर बैंक से ऋण ले सकेंगे। अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
-कमल पटेल,राजस्व मंत्री


वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में भू-राजस्व संहिता 1959 के अंतर्गत नागरिकों के रहवासी उद्देश्य हेतु आबादी भूमि सुरक्षित करने का प्रावधान मौजूद है। अभी प्रचलित व्यवस्था में अभिलेख देखकर यह सुनिश्चित नहीं होता कि कौन सी भूमि का स्वामी कौन व्यक्ति है और उस भूमि का क्या आकार है। वस्तुत: ग्रामीण व्यक्तियों के पास आबादी क्षेत्र में आवासीय भूमि अथवा भवन आदि स्थल पर तो मौजूद होते हैं और उनकी इस अचल सम्पत्ति की कीमत भी होती है, परंतु उनके पास इसके स्वामित्व या अधिकार का कोई अभिलेख नहीं होता है। लेकिन अब आवास अधिकार पुस्तिका से इस समस्या का समाधान हो सकेगा।
ग्रामीणों के पास 'आवास अधिकार पुस्तिका' होने से उनकी भूमि की खरीदी-बिक्री रजिस्ट्री हो सकेगी। बैंकिंग इन्स्टीटयूशन ग्रामीण भूमि और भवन पर उसके स्वामी को उसकी आवश्यकता और पात्रता के अनुसार ऋण दे सकेंगे। कोर्ट-कचहरी में जमानत आदि हेतु आवास अधिकार पुस्तिका उपयोग में लायी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त भी अन्याय बहुत से कार्यों में उक्त अधिकार पुस्तिका का उपयोग किया जा सकेगा।
ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण, ग्राम का नक्शा, ग्रामीण भूमि और भवन का अभिलेख तैयार करने संबंधी यह संपूर्ण कार्य अत्यंत कठिन और जटिल है। फिर भी राजस्व विभाग इस कार्य को पूर्ण करने हेतु संकल्पित है। सरकार की मंशा है कि सभी ग्रामीणों को आवास अधिकार पुस्तिका मिले ताकि वे भी शहरी नागरिकों के समान आवास धारण करने के समस्त प्रकार के लाभ अर्जित करने में सक्षम हो सकें।
ग्रामीण क्षेत्र के भूमि और भवन मालिकों को आवास अधिकार पुस्तिका देने के लिये राजस्व विभाग द्वारा ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण और गांव का नक्शा तैयार करने संबंधी प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है। किसी भूमि अथवा भवन पर स्वामित्व संबंधी विवाद होने की स्थिति में उसके निराकरण के लिये भी नियम तैयार किये गये हैं। विशेष राजस्व अभियान के अन्तर्गत ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण और मुख्यमंत्री आवास अधिकार पुस्तिका का वितरण किया जायेगा।
नवीन एकीकृत भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका का वितरण
मध्यप्रदेश में किसानों को भू-अधिकार का पट्टा देने की योजना इसी वर्ष 26 जनवरी से शुरू की गयी है। वर्तमान में प्रचलित दो भागों में उपलब्ध भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के स्थान पर एकीकृत भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका अब किसानों को प्रदान की जा रही है। इस नयी पुस्तिका में प्रचलित पुस्तिका की जानकारी के अलावा कुछ अन्य जानकारी एवं भूमि के नक्शे भी शामिल किये गये हैं। यह पुस्तिका किसानों को इस अभियान के अन्तर्गत प्रथम बार नि:शुल्क उपलब्ध कराई जायेगी।
राज्य शासन द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को नई पुस्तिकाए तैयार करवाकर निश्चित समयावधि में उनका वितरण कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।

सांची एवं चुरहट नगर पंचायत के चुनाव 15 अप्रैल को

सांची एवं चुरहट नगर पंचायत के चुनाव 15 अप्रैल को
24 मार्च 08/मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दो नगर पंचायतों विदिशा जिले की सांची और सीधी जिले के चुरहट के आम निर्वाचन का कार्यक्रम 24 मार्च को जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार मतदान 15 अप्रैल को होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 मार्च तक नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किये जायेगें। दोनो नगर पंचायतों में आवश्यक होने पर मतदान 15 अप्रैल को प्रात: 7 बजे से अपरान्ह 5 बजे तक होगा।
मतगणना और निर्वाचन परिणाम की घोषणा 17 अप्रैल को की जायेगी। संबंधित नगर पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहित प्रभावशील हो गई है।

कोषालयों का कार्य सुचारू रूप से जारी - कलेक्टर श्री माथुर

कोषालयों का कार्य सुचारू रूप से जारी - कलेक्टर श्री माथुर
24 मार्च 08/कलेक्टर श्री आर.के. माथुर ने बताया कि भोपाल कोषालय सहित सतपुड़ा और विंध्याचल कोषालय का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। कोषालय कर्मियों के अचानक हड़ताल पर चले जाने के कारण कोषालयों में आहरण संबंधी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चले इसके लिए कलेक्ट्रेट से कर्मचारियों को भेजा गया है।
श्री माथुर ने बताया कि कोषालय कर्मियों ने हड़ताल पर जाने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। कोषालय के तृतीय वर्ग कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से उक्त कोषालयों को वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट से 10-10 कर्मचारी दिए गए हैं।
कलेक्टर ने बताया कि कोषालयों में कोई देयक नहीं रोका गया है और न ही रूकेगा। कोषालयों के जो कर्मचारी बिना बताए हड़ताल पर गए हैं उनके विरूध्द अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जायेगा। कोषालयों में जिला कोषालय अधिकारी सहित अन्य स्टाप उपलब्ध था। जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि आज कोषालय में 35 देयक प्राप्त किए गए साथ ही पूर्व से लंबित देयकों को मिलाकर 150 चैक जारी किए गए। आज प्राप्त देयकों के चैक कल प्रात: प्रदाय किए जायेंगे। कोषालय द्वारा कल स्ट्रांग रूम से स्टाम्प और पेंशनरों के प्रथम भुगतान के चैक जारी किए जायेंगे।

रविवार, 23 मार्च 2008

ग्वालियर संभाग में 104 बलराम तालाब बनाने का लक्ष्य

ग्वालियर संभाग में 104 बलराम तालाब बनाने का लक्ष्य
ग्वालियर 21 मार्च 08 । जल संवर्धन एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से ग्वालियर संभाग में 104 बलराम तालाब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ।
सर्वाधिक 38 तालाब दतिया जिले में बनाये जायेंगे । गुना जिले में 30, शिवपुरी जिले में 17, अशोकनगर जिले में 16 और ग्वालियर जिले में 3 बलराम तालाब बनाये जायेंगे । इन तालाबों के निर्माण पर 31.10 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है । शिवपुरी जिले में 11 और गुना जिले में 5 तालाब निर्माणाधीन हैं । अभी तक बलराम तालाबों के निर्माण में 3.96 लाख रूपये व्यय किये गये हैं ।

जिला स्तरीय दिशादर्शी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक 24 मार्च को

जिला स्तरीय दिशादर्शी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक 24 मार्च को

ग्वालियर 21 मार्च 08 । मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन के लिये गठित जिला स्तरीय दिशादर्शी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक 24 मार्च 08 को अपरान्ह 4 बजे राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान सिटी सेंटर के सभाकक्ष में आयोजित की गई है । बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव करेंगे ।
बैठक में पिछली बैठक के कार्यवाही विवरण का अनुमोदन, जिले के ग्रामीण अंचल में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से संबध्द किये गये स्वहायता समूहों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा । इस कार्यक्रम सेल में स्थापित कॉल सेंटर पर की गई शिकायतों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा । ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक शालाओं में रसोई एवं भंडार गृह निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा और स्व-सहायता समूहों के अभिलेखों को संचालित कर प्रमाण-पत्र के समन्वयकों से चर्चा की जायेगी ।